द्रव्य क्या है? ऊर्जा किसे कहते हैं? द्रव्य और ऊर्जा की परिभाषा। द्रव्य की अवस्थाएं। आइन्सटाइन का द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता समीकरण।

द्रव्य (Matter)

परिभाषा (Definition) द्रव्य वह पदार्थ है , जिसमें द्रव्यमान होता है , जो स्थान घेरता है तथा जिसका अनुभव हम अपनी ज्ञानेन्द्रियों से कर सकते हैं।

द्रव्य के प्रकार ( kinds of matter)

द्रव्य तीन प्रकार के होते हैं — (1) ठोस (2) द्रव (3) गैस

ठोस (Solids)

ठोस वे पदार्थ होते हैं , जिनके आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। इसके अणु बिल्कुल पास – पास व्यवस्थित होते हैं । अतः इनके मध्य लगने वाले आण्विक बल (Molecular forces) अत्यंत प्रबल होते हैं।

द्रव ( liquid)

द्रव वे पदार्थ होते हैं , जिनका आयतन तो निश्चित होता है , किंतु आकार निश्चित नहीं होता। इनके अणु ठोसों की तुलना में अपेक्षाकृत दूर-दूर होते हैं । अतः उनके बीच लगने वाले आण्विक बल बहुत क्षीण होते हैं। यहीं कारण है कि द्रवों को जिस बर्तन में रखा जाता है , उसी का आकार ग्रहण कर लेते हैं तथा इनमें बहने का गुण होता है।

गैस (Gases)

गैस वे पदार्थ होते हैं , जिनके आकार और आयतन दोनों निश्चित नहीं होते । इनके अणु इतने दूर -दूर होते हैं कि उनके मध्य लगने वाले आण्विक बल नगण्य होते हैं।

ऊर्जा (Energy)

इसमें न तो द्रव्यमान होता है और न ही यह स्थान घेरती है , किंतु यह समस्त ब्रह्माण्ड में विद्यमान है। ऊर्जा के कारण हीं किसी पदार्थ में कार्य करने की क्षमता उत्पन्न होती है। अतः कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। कोई भी कार्य बिना ऊर्जा – व्यव के नहीं किया जा सकता। ऊर्जा कई प्रकार की होती है , जैसे — यांत्रिक ऊर्जा , ऊष्मा ऊर्जा , प्रकाश ऊर्जा , चुंबकीय ऊर्जा , ध्वनि ऊर्जा , विद्युत ऊर्जा , नाभिकीय ऊर्जा , रासायनिक ऊर्जा इत्यादि।

आइंस्टाइन का द्रव्यमान -ऊर्जा तुल्यता समीकरण

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